रायपुर-बलौदाबाजार सफर होगा फोरलेन! 1500 करोड़ की सड़क परियोजना पर बढ़ी रफ्तार, 17 हेक्टेयर जमीन सर्वे में शामिल

रायपुर। राजधानी रायपुर से बलौदाबाजार का सफर अब और तेज होने वाला है। रायपुर-बलौदाबाजार सड़क को फोरलेन में तब्दील करने की बड़ी परियोजना ने रफ्तार पकड़ ली है। नेशनल हाईवे (NH) के नेतृत्व में वन और विद्युत विभाग की संयुक्त टीम ने रायपुर से खरोरा ब्लॉक के खोरसी गांव तक जमीन का सर्वे पूरा कर लिया है। सर्वे के दौरान करीब 17 हेक्टेयर जमीन और लगभग 17 खसरों को सड़क चौड़ीकरण के दायरे में शामिल किया गया है।
सर्वे पूरा होने के बाद अब संबंधित खसरों का प्रकाशन किया जाएगा। इसके बाद जमीन मालिकों से दावा-आपत्ति मांगी जाएगी। प्रक्रिया पूरी होने के बाद सड़क चौड़ीकरण की दिशा में आगे की कार्रवाई शुरू होगी।
यह परियोजना रायपुर और बलौदाबाजार के बीच आवागमन को आसान बनाने के साथ व्यापार, शिक्षा और रोजगार के लिए राजधानी आने-जाने वाले लोगों के लिए भी अहम मानी जा रही है।
1500 करोड़ का बड़ा प्रोजेक्ट, दो चरणों में बनेगा फोरलेन
रायपुर से बलौदाबाजार तक फोरलेन सड़क निर्माण परियोजना पर करीब 1500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। परियोजना को दो चरणों में पूरा करने की योजना है।

पहला चरण:
धनेली से पुराने विधानसभा भवन तक करीब 11.610 किलोमीटर सड़क को फोरलेन किया जाएगा। इसके लिए लगभग 500 करोड़ रुपये का प्रावधान बताया गया है।
दूसरा चरण:
पुराने विधानसभा भवन से पलारी तक करीब 72 किलोमीटर सड़क के चौड़ीकरण की योजना है। इस हिस्से पर लगभग 1050 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

1 घंटे में पहुंच सकेंगे रायपुर से बलौदाबाजार
फोरलेन बनने के बाद रायपुर और बलौदाबाजार के बीच सफर का समय भी काफी घटने की उम्मीद है। फिलहाल बलौदाबाजार से रायपुर पहुंचने में करीब 1 घंटे 45 मिनट तक का समय लग जाता है और कई हिस्सों में ट्रैफिक का दबाव भी रहता है।
परियोजना पूरी होने के बाद यह दूरी करीब एक घंटे में तय करने का लक्ष्य है। इसका सीधा फायदा रोजाना राजधानी आने-जाने वाले व्यापारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और अन्य यात्रियों को मिलेगा।
फोरलेन के साथ फ्लाईओवर और सर्विस लेन भी
परियोजना में सिर्फ सड़क चौड़ीकरण ही नहीं, बल्कि यातायात को सुगम बनाने के लिए जरूरत के अनुसार सर्विस लेन, चार बड़े फ्लाईओवर और कई ओवरब्रिज प्रस्तावित हैं। ऐसे में यह सड़क परियोजना रायपुर और बलौदाबाजार के बीच कनेक्टिविटी को नया रूप देने वाली मानी जा रही है। जमीन सर्वे पूरा होने के बाद अब दावा-आपत्ति की प्रक्रिया पर नजर है। इसके बाद परियोजना के अगले चरण की तस्वीर और साफ होगी।






