मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान से 34 लाख लोगों की जांच, मलेरिया से एक भी मौत नहीं होने देना लक्ष्य : स्वास्थ्य मंत्री

रायपुर, 30 जुलाई 2026। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत अब तक 34.29 लाख से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा चुका है, जो लक्षित आबादी का लगभग 99 प्रतिशत है।
रायपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि अभियान के दौरान मलेरिया, टीबी, सिकल सेल, कुष्ठ रोग, मुख कैंसर सहित अन्य गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान कर उपचार शुरू किया गया। वहीं 60 हजार से अधिक गंभीर मरीजों को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया गया, जबकि 10,938 उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं की विशेष निगरानी और उपचार सुनिश्चित किया गया।

“मलेरिया से एक भी मृत्यु न हो, यही लक्ष्य”
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हाल के दिनों में मलेरिया के कुछ मामले सामने आए हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग पूरी सतर्कता के साथ कार्य कर रहा है। मितानिन, एएनएम और स्वास्थ्य कर्मी गांव-गांव पहुंचकर जांच, उपचार, सर्वेक्षण और जनजागरूकता अभियान चला रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य मलेरिया से एक भी मौत नहीं होने देना है। इसके लिए समय पर जांच, त्वरित उपचार, सतत निगरानी और सामुदायिक जागरूकता पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

बस्तर में मलेरिया पॉजिटिविटी दर में बड़ी गिरावट
स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, रणनीतिक कार्ययोजना और जनसहभागिता के चलते बस्तर संभाग की मलेरिया पॉजिटिविटी दर 4.60 प्रतिशत से घटकर 0.48 प्रतिशत रह गई है। वहीं प्रदेश का वार्षिक परजीवी सूचकांक (API) भी 5.21 से घटकर 0.90 तक पहुंच गया है, जो मलेरिया नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
11.89 लाख संस्थागत प्रसव, 375 नई एम्बुलेंस शुरू
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 11.89 लाख से अधिक संस्थागत प्रसव कराए गए हैं। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच और उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की विशेष निगरानी की जा रही है।

आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए प्रदेश में 375 नई 108 संजीवनी एक्सप्रेस एम्बुलेंस शुरू की गई हैं। जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच 6.50 लाख से अधिक लोगों को समय पर आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।
1051 स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक जांच सुविधा
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि HLL Lifecare Limited के सहयोग से राज्य के 1,051 स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक पैथोलॉजी जांच सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। हब एंड स्पोक मॉडल, आईटी आधारित रिपोर्टिंग और गुणवत्ता निगरानी प्रणाली के जरिए दूरस्थ क्षेत्रों तक भी विश्वसनीय जांच सुविधाएं पहुंच रही हैं।
सभी मेडिकल कॉलेजों में शुरू होंगे पैरामेडिकल कोर्स
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में प्रदेश के सभी 10 मेडिकल कॉलेजों में पैरामेडिकल पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे, जिससे स्वास्थ्य क्षेत्र में तकनीकी विशेषज्ञों की उपलब्धता बढ़ेगी और युवाओं को रोजगारोन्मुखी शिक्षा के नए अवसर मिलेंगे।
एनॉलॉग पनीर पर सख्ती, प्रभावी प्रतिबंध के निर्देश
प्रेस वार्ता के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने खाद्य सुरक्षा को लेकर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने प्रदेश में एनॉलॉग पनीर के उपयोग और बिक्री पर प्रभावी प्रतिबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।









