LIVE UPDATE

CG-मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट के नाम पर 500! जशपुर जिला अस्पताल के डॉक्टर पर रिश्वत का आरोप, वीडियो वायरल

जशपुर। जशपुर जिला अस्पताल में पदस्थ एक डॉक्टर पर मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र बनाने के एवज में ₹500 रिश्वत लेने का आरोप लगा है। मामले से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। शिकायत के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।

आरोप डॉ. धीरेन्द्र अग्रवाल पर लगाया गया है। वायरल वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि इसमें डॉक्टर कथित तौर पर ₹500 लेते हुए दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, वीडियो की सत्यता और उसमें नजर आ रहे घटनाक्रम की वास्तविकता की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

ये खबर भी पढ़ें…
8 किलो का वजनी विशालकाय ट्यूमर पेट में लेकर जी रही थी महिला, रायगढ़ के डॉक्टरों ने हाई रिस्क ऑपरेशन कर दी नई जिंदगी
8 किलो का वजनी विशालकाय ट्यूमर पेट में लेकर जी रही थी महिला, रायगढ़ के डॉक्टरों ने हाई रिस्क ऑपरेशन कर दी नई जिंदगी
September 7, 2026
रायगढ़, 7 सितंबर 2026। रायगढ़ में डॉक्टरों की टीम ने एक बेहद जटिल और जोखिम भरे ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

CM हेल्पलाइन तक पहुंची शिकायत

मामले को लेकर सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत सामने आने के बाद जशपुर कलेक्टर रोहित व्यास ने मामले की जांच के लिए टीम गठित की है। प्रशासन ने वायरल वीडियो के साथ-साथ शिकायत में लगाए गए आरोपों की भी जांच के निर्देश दिए हैं।

डिप्टी कलेक्टर कर रहे पूरे मामले की जांच

कलेक्टर के निर्देश पर डिप्टी कलेक्टर हरिओम द्विवेदी मामले की जांच कर रहे हैं। जांच के दौरान वायरल वीडियो की सत्यता, शिकायतकर्ता के आरोप और मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।

ये खबर भी पढ़ें…
CG में ‘ब्रांड’ के नाम पर बड़ा खेल! Titan-Fastrack की नकली घड़ियां बरामद, दुकानदार गिरफ्तार
CG में ‘ब्रांड’ के नाम पर बड़ा खेल! Titan-Fastrack की नकली घड़ियां बरामद, दुकानदार गिरफ्तार
September 7, 2026
दुर्ग। दुर्ग के इंदिरा मार्केट में नामी ब्रांड Titan और Fastrack के नाम पर नकली घड़ियां बेचने के कारोबार का...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट पर है। यदि जांच में रिश्वत लेने के आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित डॉक्टर के खिलाफ विभागीय अथवा नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, जांच पूरी होने तक आरोपों को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। फिलहाल प्रशासनिक जांच जारी है और रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि वायरल वीडियो और रिश्वत के आरोपों में कितनी सच्चाई है।

ये खबर भी पढ़ें…
छत पर लगा सोलर, बिजली बिल हुआ ZERO! 850 यूनिट ग्रिड को देकर ‘बिजली उपभोक्ता’ से ‘बिजली दाता’ बना परिवार
छत पर लगा सोलर, बिजली बिल हुआ ZERO! 850 यूनिट ग्रिड को देकर ‘बिजली उपभोक्ता’ से ‘बिजली दाता’ बना परिवार
September 7, 2026
रायपुर, 7 सितंबर 2026। कभी हर महीने 1,500 से 2,000 रुपये तक बिजली बिल चुकाने वाला परिवार अब बिजली बिल...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *